Hindi Letter Writing: पत्र लेखन (औपचारिक और अनौपचारिक पत्र के 12 नमूने)

12 तैयार नमूने कॉपी, Word और प्रिंट जाँचा गया 9 Oct 2026

Hindi letter writing (हिंदी पत्र लेखन) के लिए यहाँ औपचारिक और अनौपचारिक पत्र का प्रारूप एक तालिका में समझाया गया है, साथ में 12 तैयार नमूने हैं। इनमें मित्र, पिताजी, छोटे भाई और दीदी को लिखे पत्र हैं, और संपादक, नगर निगम, थाना प्रभारी, बिजली विभाग व कंपनी को लिखे औपचारिक पत्र और एक ई-मेल भी है।

पेज के ऊपर दिए खानों में अपना नाम, पता और शहर लिखें, तो हर नमूना उसी से भर जाएगा। इसके बाद मित्र का नाम, तारीख जैसी बाकी बातें बदलें और पत्र को कॉपी, प्रिंट या डाउनलोड कर लें।

पत्र

Informal Letter in Hindi: मित्र को परीक्षा में सफलता पर बधाई पत्र

विद्यार्थी के लिए, जिसके मित्र ने बोर्ड परीक्षा में बहुत अच्छे अंक पाए हैं।

पता
शहर
दिनांक: दिनांक
प्रिय मित्र मित्र का नाम,
सप्रेम नमस्ते।

कल शाम तुम्हारी माँ से फ़ोन पर बात हुई तो पता चला कि दसवीं की बोर्ड परीक्षा में तुमने नब्बे प्रतिशत से अधिक अंक पाए हैं। यह सुनकर मेरा पूरा परिवार बहुत खुश हुआ। मेरी ओर से तुम्हें ढेर सारी बधाई।

मुझे याद है कि पिछले साल गणित तुम्हें कितना कठिन लगता था। तुमने रोज़ सुबह जल्दी उठकर अभ्यास किया और कभी हिम्मत नहीं हारी। यह सफलता उसी मेहनत का फल है। ग्यारहवीं में विषय चुनते समय अपनी रुचि का ध्यान रखना, केवल दूसरों के कहने पर निर्णय मत लेना।

अगले महीने छुट्टियों में मैं तुमसे मिलने आऊँगा। तब इस खुशी की मिठाई तुम्हें ही खिलानी होगी। चाचाजी और चाचीजी को मेरा प्रणाम कहना।

तुम्हारा प्रिय मित्र,
आपका नाम
पत्र

Letter in Hindi to Father: छात्रावास से पिताजी को पत्र

छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थी के लिए, जो पिताजी को परीक्षा और दिनचर्या के बारे में बताना चाहता है।

छात्रावास, विद्यालय का नाम
शहर
दिनांक: दिनांक
आदरणीय पिताजी,
सादर चरण स्पर्श।

मैं यहाँ कुशल से हूँ और आशा करता हूँ कि घर पर सब स्वस्थ होंगे। आपका पिछला पत्र मिला, जिसमें आपने मेरी पढ़ाई और खाने-पीने के बारे में पूछा था।

हमारी अर्धवार्षिक परीक्षाएँ पिछले सप्ताह समाप्त हुईं। विज्ञान और अंग्रेज़ी के पेपर बहुत अच्छे गए, पर सामाजिक विज्ञान में दो प्रश्न अधूरे रह गए। अब मैंने रोज़ एक घंटा उसी विषय के लिए अलग रखा है। छात्रावास का खाना ठीक है और शाम को मैं आधा घंटा फ़ुटबॉल भी खेलता हूँ।

इस महीने विज्ञान प्रदर्शनी के मॉडल के लिए कुछ सामान खरीदना है। कृपया राशि रुपये भेज दें। माताजी को मेरा प्रणाम और छोटी बहन को ढेर सारा प्यार।

आपका आज्ञाकारी पुत्र,
आपका नाम
पत्र

छोटे भाई को पत्र: मोबाइल का कम उपयोग करने की सलाह

बड़े भाई के लिए, जो छोटे भाई को स्क्रीन पर कम समय बिताने की सलाह देना चाहते हैं।

पता
शहर
दिनांक: दिनांक
प्रिय अनुज भाई का नाम,
शुभाशीर्वाद।

कल माँ का फ़ोन आया था। उन्होंने बताया कि आजकल तुम देर रात तक मोबाइल पर गेम खेलते हो और सुबह स्कूल के लिए देर से उठते हो। यह सुनकर मुझे थोड़ी चिंता हुई, इसलिए यह पत्र लिख रहा हूँ।

मैं यह नहीं कहता कि मोबाइल बिल्कुल छोड़ दो। पर स्क्रीन पर ज़्यादा समय बिताने से आँखें थकती हैं, नींद पूरी नहीं होती और पढ़ाई में मन नहीं लगता। रोज़ के लिए एक घंटा तय कर लो और रात को सोने से पहले फ़ोन माँ को दे दिया करो। बचे समय में शाम को मैदान में खेलो या कोई अच्छी कहानी की पुस्तक पढ़ो।

मुझे भरोसा है कि तुम मेरी बात समझोगे। अगले पत्र में अपनी नई दिनचर्या के बारे में ज़रूर लिखना।

तुम्हारा शुभचिंतक बड़ा भाई,
आपका नाम

Hindi Letter Writing Format: औपचारिक और अनौपचारिक पत्र का प्रारूप

हिंदी पत्र दो प्रकार के होते हैं। अनौपचारिक पत्र अपनों को लिखे जाते हैं, जैसे माता-पिता, भाई-बहन, मित्र या रिश्तेदार। औपचारिक पत्र किसी पद पर बैठे व्यक्ति या कार्यालय को लिखे जाते हैं, जैसे संपादक, नगर निगम, थाना प्रभारी, बिजली विभाग या किसी कंपनी को। दोनों के प्रारूप में यह अंतर है:

भागऔपचारिक पत्रअनौपचारिक पत्र
शुरुआत"सेवा में," फिर पाने वाले का पद, कार्यालय और शहर।बाईं ओर ऊपर अपना पता।
दिनांकपाने वाले के पते के बाद।अपने पते के ठीक नीचे।
विषयज़रूरी। एक छोटी पंक्ति में पत्र का कारण।नहीं लिखा जाता।
संबोधन"महोदय," या "महोदया,"।"आदरणीय पिताजी,", "प्रिय मित्र,", "प्रिय अनुज,"।
अभिवादननहीं लिखा जाता।बड़ों को "सादर प्रणाम" या "सादर चरण स्पर्श", बराबर वालों को "सप्रेम नमस्ते", छोटों को "शुभाशीर्वाद"।
मुख्य भागपहली दो पंक्तियों में समस्या या अनुरोध। भाषा शिष्ट और सीधी।हाल-चाल, फिर मुख्य बात। भाषा अपनेपन वाली।
समापन"भवदीय," या "प्रार्थी,"।"आपका आज्ञाकारी पुत्र,", "तुम्हारा प्रिय मित्र,", "तुम्हारा शुभचिंतक,"।
हस्ताक्षरनाम, पता और ज़रूरत हो तो मोबाइल नंबर।केवल नाम।

विद्यालय के प्रधानाचार्य को लिखे प्रार्थना पत्र भी औपचारिक होते हैं। उनके नमूने हिंदी में आवेदन पत्र और हिंदी में छुट्टी के आवेदन पेज पर हैं।

पत्र

Hindi Letter Format to Friend: छुट्टियों में गाँव आने का निमंत्रण

विद्यार्थी के लिए, जो मित्र को गर्मी की छुट्टियाँ साथ बिताने के लिए बुलाना चाहता है।

पता
शहर
दिनांक: दिनांक
प्रिय मित्र का नाम,
सप्रेम नमस्ते।

तुम्हारा पत्र मिला। यह जानकर अच्छा लगा कि तुम्हारी परीक्षाएँ खत्म हो गई हैं। इस बार गर्मी की छुट्टियों में मैं अपने दादाजी के गाँव जा रहा हूँ और चाहता हूँ कि तुम भी मेरे साथ चलो।

गाँव में हमारा आम का बगीचा है और घर के पास ही एक छोटी नदी बहती है। सुबह हम खेतों में घूमेंगे, दोपहर में पेड़ की छाँव में कैरम खेलेंगे और शाम को नदी किनारे सैर करेंगे। दादीजी के हाथ का बना खाना तुम कभी नहीं भूलोगे।

हम तारीख से को निकलेंगे और तारीख तक तक वहीं रहेंगे। अपने माता-पिता से अनुमति लेकर जल्दी उत्तर देना। उन्हें मेरी ओर से नमस्ते कहना।

तुम्हारा मित्र,
आपका नाम
पत्र

बड़ी बहन को धन्यवाद पत्र: जन्मदिन के उपहार के लिए

छोटी बहन या भाई के लिए, जिसे दूसरे शहर में रहने वाली दीदी ने जन्मदिन पर उपहार भेजा है।

पता
शहर
दिनांक: दिनांक
आदरणीय दीदी,
सादर प्रणाम।

आपका भेजा पार्सल मेरे जन्मदिन से एक दिन पहले ही मिल गया। उसमें रंगीन चित्रों वाली विज्ञान की पुस्तक और कलाई घड़ी देखकर मैं बहुत खुश हुई। आपको याद था कि मुझे ऐसी पुस्तकें कितनी पसंद हैं।

जन्मदिन पर माँ ने घर पर छोटा-सा आयोजन रखा था। मेरी तीन सहेलियाँ आईं और हमने साथ मिलकर केक काटा। सबने आपकी कमी महसूस की। घड़ी अब रोज़ मेरी कलाई पर रहती है और समय पर स्कूल पहुँचने में मदद करती है।

आपकी नौकरी कैसी चल रही है? दिवाली की छुट्टियों में घर ज़रूर आइएगा। अपना ध्यान रखिएगा।

आपकी छोटी बहन,
आपका नाम
पत्र

Formal Letter in Hindi: संपादक को पत्र (ध्वनि प्रदूषण)

किसी भी नागरिक या विद्यार्थी के लिए, जो समाचार पत्र के माध्यम से शोर की समस्या उठाना चाहता है।

सेवा में,
संपादक महोदय,
समाचार पत्र का नाम,
शहर
दिनांक: दिनांक
विषय: शहर में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण की ओर ध्यान दिलाने हेतु
महोदय,

मैं आपके समाचार पत्र के माध्यम से शहर में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण की ओर प्रशासन का ध्यान दिलाना चाहता हूँ। कृपया मेरे इस पत्र को अपने समाचार पत्र में स्थान दें।

हमारे क्षेत्र पता में देर रात तक तेज़ आवाज़ में लाउडस्पीकर बजते हैं। सड़कों पर वाहन बिना कारण हॉर्न बजाते हैं और कई दुकानें बाहर बड़े स्पीकर लगाकर प्रचार करती हैं। इससे परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों की पढ़ाई में बाधा आती है। बुज़ुर्गों और बीमार लोगों को नींद नहीं आती, और कई लोग सिरदर्द और चिड़चिड़ेपन की शिकायत करते हैं।

संबंधित अधिकारियों से निवेदन है कि रात में लाउडस्पीकर पर लगी रोक का सख्ती से पालन करवाया जाए। अस्पतालों और विद्यालयों के पास "हॉर्न न बजाएँ" के बोर्ड लगें और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई हो। लोगों को भी समझना होगा कि शांत वातावरण सबका अधिकार है।

भवदीय,
आपका नाम
पता
शहर
पत्र

Complaint Letter in Hindi: नगर निगम को सफ़ाई के लिए पत्र

मोहल्ले के निवासी के लिए, जहाँ कई दिनों से कूड़ा नहीं उठा है और नालियाँ जाम हैं।

सेवा में,
स्वास्थ्य अधिकारी महोदय,
नगर निगम,
शहर
दिनांक: दिनांक
विषय: मोहल्ले में कूड़े के ढेर और जाम नालियों की सफ़ाई हेतु
महोदय,

मैं पता का निवासी हूँ और आपका ध्यान हमारे मोहल्ले की खराब सफ़ाई व्यवस्था की ओर दिलाना चाहता हूँ। पिछले तीन सप्ताह से यहाँ कूड़ा उठाने वाली गाड़ी नहीं आई है।

गली के मोड़ पर कूड़े का बड़ा ढेर लग गया है, जिसे आवारा पशु सड़क पर फैला देते हैं। नालियाँ जाम हैं और उनका गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। चारों ओर बदबू रहती है और मच्छर बहुत बढ़ गए हैं। कई घरों में बच्चे बुखार से बीमार पड़ चुके हैं, इसलिए लोगों को डेंगू और मलेरिया फैलने का डर है।

आपसे अनुरोध है कि कूड़ा रोज़ उठवाने और नालियों की सफ़ाई का प्रबंध जल्दी करवाएँ। मच्छरों से बचाव के लिए दवा का छिड़काव भी करवाया जाए। मोहल्ले के सभी निवासी इस काम में पूरा सहयोग देंगे।

भवदीय,
आपका नाम
पता
मोबाइल: मोबाइल नंबर
पत्र

थाना प्रभारी को पत्र: रात्रि गश्त बढ़ाने हेतु

कॉलोनी के निवासी या सचिव के लिए, जहाँ हाल में चोरी की कई घटनाएँ हुई हैं।

सेवा में,
थाना प्रभारी महोदय,
थाने का नाम थाना,
शहर
दिनांक: दिनांक
विषय: क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने हेतु
महोदय,

मैं आपके थाना क्षेत्र की पता कॉलोनी का निवासी हूँ। इस पत्र द्वारा मैं आपको हमारे क्षेत्र में बढ़ती चोरी की घटनाओं की जानकारी देना चाहता हूँ।

पिछले एक महीने में कॉलोनी के चार घरों में रात के समय चोरी हो चुकी है। दो घरों के बाहर खड़े दोपहिया वाहन भी गायब हो गए। गली की कई स्ट्रीट लाइटें खराब हैं, इसलिए रात में पूरा इलाका अँधेरे में रहता है। महिलाएँ और बुज़ुर्ग शाम के बाद घर से निकलने में डरते हैं।

आपसे निवेदन है कि रात में पुलिस गश्त नियमित रूप से करवाई जाए और कॉलोनी के मुख्य द्वार के पास एक पुलिसकर्मी की ड्यूटी लगाई जाए। हम निवासी भी अपनी ओर से कैमरे लगवाने और चौकीदार रखने की तैयारी कर रहे हैं।

भवदीय,
आपका नाम
पता
मोबाइल: मोबाइल नंबर
पत्र

Official Letter in Hindi: बिजली विभाग को शिकायत पत्र

उस उपभोक्ता के लिए, जिसके क्षेत्र में बिना सूचना के बार-बार बिजली कटती है।

सेवा में,
अधिशासी अभियंता महोदय,
विद्युत वितरण विभाग,
शहर
दिनांक: दिनांक
विषय: बार-बार बिजली कटौती और कम वोल्टेज की शिकायत
महोदय,

मैं पता क्षेत्र का निवासी हूँ। हमारे क्षेत्र में पिछले दो सप्ताह से दिन में कई बार बिजली जा रही है, जिसकी शिकायत मैं इस पत्र द्वारा कर रहा हूँ।

बिजली कभी सुबह चार घंटे के लिए जाती है तो कभी पूरी रात नहीं आती। कटौती की कोई सूचना पहले से नहीं दी जाती। वोल्टेज इतना कम रहता है कि पंखे धीरे चलते हैं और कुछ घरों के फ़्रिज खराब हो चुके हैं। परीक्षाएँ पास हैं, और गर्मी में छोटे बच्चे और बीमार लोग बहुत परेशान हैं। शिकायत केंद्र पर फ़ोन करने पर भी कोई ठोस उत्तर नहीं मिलता।

कृपया क्षेत्र के ट्रांसफ़ॉर्मर की जाँच करवाएँ और बिजली की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करें। यदि मरम्मत के लिए कटौती ज़रूरी हो, तो उसकी सूचना एक दिन पहले दी जाए।

भवदीय,
आपका नाम
उपभोक्ता संख्या: उपभोक्ता संख्या
पता
पत्र

पुस्तक विक्रेता को पत्र: पुस्तकें मँगवाने हेतु

विद्यार्थी या अभिभावक के लिए, जिन्हें अपने शहर में कुछ पुस्तकें नहीं मिल रहीं और वे उन्हें डाक से मँगवाना चाहते हैं।

सेवा में,
व्यवस्थापक महोदय,
संस्था का नाम,
शहर
दिनांक: दिनांक
विषय: पुस्तकें डाक द्वारा मँगवाने हेतु
महोदय,

मुझे कक्षा कक्षा की नीचे लिखी पुस्तकें चाहिए। ये पुस्तकें हमारे शहर की दुकानों पर उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए आपसे इन्हें डाक द्वारा भेजने का अनुरोध कर रहा हूँ।

पुस्तकों की सूची: (1) हिंदी व्याकरण, दो प्रतियाँ (2) गणित अभ्यास पुस्तिका, एक प्रति (3) विज्ञान प्रयोग पुस्तिका, एक प्रति (4) हिंदी शब्दकोश, एक प्रति।

पुस्तकें नए संस्करण की हों और कोई पृष्ठ फटा या कटा न हो। अग्रिम राशि राशि रुपये भेज दी गई है, जिसकी रसीद साथ लगी है। बाकी राशि पुस्तकें मिलने पर दे दी जाएगी। कृपया पुस्तकें दस दिनों के भीतर नीचे लिखे पते पर भेजें और विद्यार्थियों को मिलने वाली छूट भी दें।

भवदीय,
आपका नाम
पता
मोबाइल: मोबाइल नंबर
संलग्न: अग्रिम राशि की रसीद
पत्र

Joining Letter in Hindi (कार्यभार ग्रहण पत्र)

नए कर्मचारी के लिए, जो नियुक्ति पत्र मिलने के बाद पहले दिन कार्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाता है।

सेवा में,
मानव संसाधन प्रबंधक महोदय,
कंपनी का नाम,
शहर
दिनांक: दिनांक
विषय: पद पद पर कार्यभार ग्रहण करने हेतु
महोदय/महोदया,

आपके कार्यालय से जारी नियुक्ति पत्र के अनुसार मुझे पद पद पर नियुक्त किया गया है। इस अवसर के लिए मैं आपका आभारी हूँ।

मैं आज दिनांक दिनांक को पूर्वाह्न में अपना कार्यभार ग्रहण कर रहा हूँ। नियुक्ति पत्र में माँगे गए सभी दस्तावेज़, जैसे शैक्षिक प्रमाण पत्रों की प्रतियाँ, पहचान पत्र, पिछली कंपनी का कार्यमुक्ति पत्र और दो फोटो, इस पत्र के साथ लगे हैं।

कृपया मेरा कार्यभार ग्रहण स्वीकार करें और आगे की औपचारिकताओं के बारे में मार्गदर्शन दें। मैं पूरी लगन और ईमानदारी से अपना काम करूँगा।

भवदीय,
आपका नाम
पद
मोबाइल: मोबाइल नंबर
संलग्न: नियुक्ति पत्र की प्रति, शैक्षिक प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, कार्यमुक्ति पत्र
Email

Email Writing in Hindi: खराब सामान बदलने हेतु ई-मेल

उस ग्राहक के लिए, जिसे ऑनलाइन मँगवाया सामान टूटा हुआ मिला है।

प्रति: ई-मेल पता
विषय: टूटा हुआ मिक्सर ग्राइंडर बदलने हेतु
महोदय/महोदया,

मैंने ऑर्डर की तारीख को आपकी वेबसाइट से एक मिक्सर ग्राइंडर मँगवाया था, जिसका ऑर्डर नंबर ऑर्डर नंबर है। सामान कल मिला, पर डिब्बा खोलते ही पता चला कि उसका एक जार टूटा हुआ है और मशीन चालू करने पर तेज़ आवाज़ आती है।

मैंने डिब्बा खोलते समय ही टूटे जार की तस्वीरें ले ली थीं, जो इस ई-मेल के साथ भेज रहा हूँ। सामान अभी भी मूल पैकिंग में रखा है।

कृपया इसे जल्दी बदलकर सही सामान भेजें। यदि बदलना संभव न हो, तो पूरी राशि मेरे खाते में लौटा दें। आपके उत्तर की प्रतीक्षा रहेगी।

धन्यवाद,
आपका नाम
पता
मोबाइल: मोबाइल नंबर

How to Write Letter in Hindi: परीक्षा में पत्र लेखन कैसे करें

  1. पहले पत्र का प्रकार पहचानें। प्रश्न में पिताजी, भाई या मित्र हो तो अनौपचारिक पत्र लिखें। संपादक, अधिकारी या कंपनी हो तो औपचारिक पत्र लिखें।
  2. प्रारूप पूरा रखें। परीक्षा में प्रारूप पर भी अंक मिलते हैं। पता, दिनांक, संबोधन, अभिवादन, समापन और नाम में से कुछ भी न छोड़ें।
  3. परीक्षा में अपना असली पता न लिखें। पते की जगह "परीक्षा भवन" और नाम की जगह "क, ख, ग" लिखें, यदि प्रश्न में कुछ और न कहा गया हो।
  4. मुख्य भाग तीन अनुच्छेदों में लिखें। पहले में उद्देश्य, दूसरे में पूरी बात, तीसरे में अनुरोध या शुभकामना।
  5. शब्द सीमा का ध्यान रखें। प्रश्न में दी गई शब्द सीमा के आसपास ही लिखें। बहुत लंबा पत्र अंक नहीं बढ़ाता।

ई-मेल का प्रारूप: प्रति (ई-मेल पता), विषय, संबोधन, मुख्य भाग, धन्यवाद और नाम। ई-मेल में दिनांक और पता ऊपर नहीं लिखा जाता। अंग्रेज़ी में पत्र लिखने के लिए letter writing और formal letter पेज देखें।

हिंदी पत्र लेखन के सुझाव

  • लिखना शुरू करने से पहले तय करें कि पत्र औपचारिक है या अनौपचारिक, क्योंकि दोनों का प्रारूप अलग है।
  • औपचारिक पत्र का विषय एक ही पंक्ति का हो। अंत में "हेतु" या "के संबंध में" जोड़ने से उद्देश्य तुरंत समझ आता है।
  • अनौपचारिक पत्र में विषय न लिखें, पर अभिवादन ज़रूर लिखें। रिश्ते के अनुसार "सादर प्रणाम", "सप्रेम नमस्ते" या "शुभाशीर्वाद" चुनें।
  • शिकायत वाले पत्र में समस्या कब से है, किसे परेशानी हो रही है और आप क्या चाहते हैं, ये तीनों बातें लिखें।
  • समापन रिश्ते से मेल खाना चाहिए: अधिकारी को "भवदीय", पिताजी को "आपका आज्ञाकारी पुत्र", मित्र को "तुम्हारा प्रिय मित्र"।
  • पत्र पूरा होने के बाद मात्राओं और विराम चिह्नों की जाँच करें। हर वाक्य के अंत में पूर्ण विराम (।) लगाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पत्र कितने प्रकार के होते हैं?

पत्र मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं: औपचारिक और अनौपचारिक। अपनों को लिखे निजी पत्र अनौपचारिक होते हैं। कार्यालय, अधिकारी, संपादक या व्यापार से जुड़े पत्र औपचारिक होते हैं।

Formal letter in Hindi की शुरुआत कैसे करें?

सबसे ऊपर "सेवा में," लिखें, फिर पाने वाले का पद, कार्यालय और शहर। उसके बाद दिनांक, विषय और "महोदय," लिखें। मुख्य भाग की पहली पंक्ति में ही अपना परिचय और पत्र का उद्देश्य बता दें।

Informal letter in Hindi में विषय लिखते हैं क्या?

नहीं, अनौपचारिक पत्र में विषय नहीं लिखा जाता। इसमें अपना पता, दिनांक, संबोधन और अभिवादन लिखकर सीधे हाल-चाल से शुरुआत करते हैं।

परीक्षा में पत्र के लिए कितने शब्द लिखें?

प्रश्न पत्र में दी गई शब्द सीमा ही मानें, क्योंकि यह कक्षा और परीक्षा के अनुसार बदल सकती है। प्रारूप सही होना शब्दों की संख्या जितना ही ज़रूरी है।

Hindi letter format में दिनांक कहाँ लिखें?

अनौपचारिक पत्र में दिनांक अपने पते के ठीक नीचे लिखें। औपचारिक पत्र में पाने वाले का पता लिखने के बाद, विषय से पहले दिनांक लिखें।

ये सभी पत्र हमारी टीम ने लिखे और जाँचे हैं। कोई गलती दिखे तो हमें बताएँ। हम कैसे लिखते हैं।

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